इस हफ़्ते का स्कैम2 नव॰ 2026 वाला हफ़्तानक़ली पुलिस और अफ़सर#diwali1 मिनट
"डिजिटल अरेस्ट" वाली वीडियो कॉल
कोई ख़ुद को पुलिस, CBI या कस्टम का अफ़सर बताकर कहता है कि आप "डिजिटल अरेस्ट" में हैं और नाम साफ़ करने के लिए पैसे देने होंगे। ऐसा कुछ होता ही नहीं।
मैं इंस्पेक्टर शर्मा, साइबर क्राइम ब्रांच से। आपके नाम का एक पार्सल ग़ैरक़ानूनी सामान के साथ पकड़ा गया है। आप डिजिटल अरेस्ट1 में हैं। इस वीडियो कॉल पर बने रहिए और किसी को मत बताइए।2 नाम साफ़ करने के लिए अपनी बचत RBI के वेरिफ़िकेशन खाते में भेजिए।3 केस नंबर CB/2026/4471। 1 घंटे में नहीं किया तो वारंट जारी होगा।4
यह कैसे होता है
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शुरुआत एक कॉल या WhatsApp मैसेज से होती है। कोई कहता है कि आपके नाम का पार्सल ड्रग्स या नक़ली पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया है, या आपके आधार से किसी अपराध के लिए बैंक खाता खोला गया है।
- 2
फिर आपको वीडियो कॉल पर एक "अफ़सर" से जोड़ा जाता है। वह वर्दी में होता है, पीछे पुलिस का लोगो होता है, और सरकारी जैसे दिखने वाले काग़ज़ दिखाता है। वह कहता है कि आप "डिजिटल अरेस्ट" में हैं: कैमरे के सामने रहना है, फ़ोन नहीं काटना है, और किसी को नहीं बताना है, घरवालों को भी नहीं।
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फिर रास्ता बताया जाता है: "जाँच" के लिए अपने पैसे एक "सुरक्षित" सरकारी खाते में भेजिए, नाम साफ़ होते ही लौटा दिए जाएँगे। वे पैसे कभी नहीं लौटते।
ख़तरे के संकेत
- 1पुलिस, CBI या कस्टम कभी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ़्तार नहीं करते। "डिजिटल अरेस्ट" जैसा कुछ नहीं होता।
- 2आपसे कहा जाता है कि कैमरे के सामने रहिए और बात छिपाइए, घरवालों से भी।
- 3"जाँच" या नाम साफ़ करने के लिए पैसे किसी खाते में भेजने को कहा जाता है।
- 4डर और जल्दबाज़ी: केस नंबर, जेल की धमकी, "आज ही करना होगा"।
क्या करें
- फ़ोन काट दीजिए। असली अफ़सर लिखित नोटिस भेजता है, आपको कॉल पर नहीं रोकता।
- तुरंत घर के किसी सदस्य या दोस्त को बताइए। यह स्कैम तभी चलता है जब आप अकेले हों।
- "नाम साफ़ करने" के लिए कभी पैसे न भेजें, न बैंक डिटेल, OTP या आधार बताएँ।
- नंबर की शिकायत संचार साथी (चक्षु) पर, और कॉल की शिकायत 1930 या cybercrime.gov.in पर कीजिए।
पैसे जा चुके हैं? तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए।
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन। या cybercrime.gov.in पर शिकायत कीजिए। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसे रुकने की उम्मीद उतनी ज़्यादा।
स्कैम या सही?
आप क्या करेंगे?
वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में कोई कहता है कि आप डिजिटल अरेस्ट में हैं और कॉल नहीं छोड़ सकते। आप क्या करेंगे?
"जाँच के लिए अपनी बचत इस सरकारी खाते में भेजिए। 24 घंटे में लौटा दी जाएगी।" सही या स्कैम?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पुलिस वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार कर सकती है?
नहीं। “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कुछ नहीं होता। पुलिस, CBI या कस्टम वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ़्तार नहीं करते, न केस बंद करने के लिए पैसे माँगते हैं। असली केस में लिखित नोटिस आता है, और आप अपने स्थानीय थाने से पूछ सकते हैं।
उनके पास मेरा आधार नंबर और जानकारी है। तो क्या यह असली है?
नहीं। स्कैमर के पास अक्सर लीक हुए डेटा से नाम, नंबर और आधार की जानकारी होती है। आपकी जानकारी होने से कोई असली नहीं हो जाता। फ़ोन काटिए और ख़ुद जाँच कीजिए।
मैंने पैसे भेज दिए हैं। अब क्या करें?
तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए, यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन है, या cybercrime.gov.in पर शिकायत कीजिए। अपने बैंक को भी बताइए, और कॉल करने वाले नंबर की शिकायत संचार साथी (चक्षु) पर कीजिए।
इन आधिकारिक स्रोतों से मिलाया गया
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सिर्फ़ जागरूकता के लिए। The-Inversity एक शिक्षा कंपनी है, पुलिस नहीं: अपराध की शिकायत 1930 या cybercrime.gov.in पर कीजिए।
